सभी के कल्याण एवं नगर की रक्षा के लिए चारों दिशाओं में विराजमान है माता जी की प्राचीन प्रतिमाएं।
भवानी माता एवं हिंगलाज माता का काफी प्राचीन इतिहास है।
खंडवा। नगर में चारों दिशाओं में अलग-अलग रूपों में माता रानी विराजमान है, जो सभी की मंगल कामना पूर्ण करते हुए खंडवा की रक्षा करती है। खंडवा में प्राचीन तुलजा भवानी माता मंदिर, जसवाडी रोड माता चौक चौक पर बिजासनी माता, आनंद नगर लव कुश नगर क्षेत्र में नवचंडी माता, इंदौर रोड चामुंडा माता मंदिर, संतोषी माता मंदिर के साथ शहर के मध्य में जूना राम मंदिर बड़ी तुलजा भवानी माता मंदिर, मालीकुंआ पर हिंगलाज माता, कालिका माता, शीतला माता का मंदिर स्थापित है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं, समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि घर में स्थित तुलजा भवानी माता काफी प्राचीन इतिहास है वही शहर के मालीकुआं स्थित मां हिंगलाज माता मंदिर इसी का एक उदाहरण है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार पत्थर की इस मूर्ति को लोग हनुमानजी समझकर पूजते थे। लेकिन एक महिला के शरीर में जब माताजी प्रकट हुई और उन्होंने बताया यह प्रतिमा मां हिंगलाज की है तब से यहां माताजी की प्रतिमा की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया गया। वर्तमान में यहां मां हिंगलाज का भव्य मंदिर है। भारत में 51 शक्तिपीठ है,पूर्व में कामाक्षी, उत्तर में ज्वालामुखी, दक्षिण में मीनाक्षी व पश्चिम में मां हिंगलाज। हिंगलाज में सती का सिर गिरा था यह स्थान 51 शक्तिपीठों में प्रधान माना गया है। यह स्थान वर्तमान में पाकिस्तान के प्रांत ब्लुचिस्तान में लासबेला जिले में स्थित है। सतीजी के सिर में हिंगुल (सिंदूर) भरा होने के कारण इनका नाम हिंगलाज पड़ा। मुख्य स्थल पाकिस्तान में होने के कारण भारत में हिंगलाज माता की स्वयंभू प्रतिमा केवल खंडवा में है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि धार्मिक हर्षोल्लास के साथ नवरात्रि पर्व पर प्रतिदिन माता जी का श्रृंगार एवं आरती की जा रही है। वही प्रतिवर्ष क्षेत्र वासियों द्वारा आकर्षक कलात्मक प्रतिमा भी विराजमान की जाती है इस वर्ष शेर पर सवार अष्टभुजाओं वाली माता विराजमान है पापा पहले माता का अलग ही स्वरूप नजर आ रहा है, यहां दूर-दूर से माता के भक्त दर्शन करने पहुंच रहे हैं। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि नवरात्रि पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता मंदिर पहुंचकर हिंगलाज माता एवं अंबे माता की प्रतिमा के दर्शन कर रहे हैं। मालीकुआं स्थित माता मंदिर में सोमवार अष्टमी एवं दुर्गा नवमी पर प्रात: मां हिंगलाज का विशेष श्रृंगार, पूजन हवन के साथ आरती के पश्चात कन्या पूजन किया जाएगा।
