उच्च शिक्षा विभाग की ई-कंटेंट वैलिडेशन बोर्ड में डॉ. रोमिल जैन मनोनीत।
मध्यप्रदेश के शासकीय संगीत महाविद्यालयों में से खंडवा के संगीत एवं ललित कला महाविद्यालय को मिला गौरव।
खंडवा। मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत स्नातक स्तर के विभिन्न विषयों के ई-कंटेंट मॉड्यूल्स के सत्यापन हेतु गठित विषयवार वैलिडेशन बोर्ड में शासकीय संगीत एवं ललित कला महाविद्यालय, खंडवा के सहायक प्राध्यापक डॉ. रोमिल जैन को सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। विभाग द्वारा 12 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, डॉ. जैन को संगीत (वाद्य एवं गायन) विषय के वैलिडेशन बोर्ड में स्थान प्रदान किया गया है।
समाजसेवी सुनील जैन ने रोमिल जैन को बधाई देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश के शासकीय संगीत महाविद्यालयों में से डॉ. रोमिल जैन का इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए चयन खंडवा के लिए विशेष गौरव का विषय है। यह मनोनयन उनकी शैक्षणिक योग्यता, संगीत विषय में विशेषज्ञता, दीर्घ शिक्षण अनुभव तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत के विविध आयामों के प्रति उनकी अकादमिक समझ को रेखांकित करता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के अंतर्गत उच्च शिक्षा को डिजिटल माध्यमों से अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी बनाने की दिशा में प्रदेश के डिजिटल स्टूडियो के माध्यम से विभिन्न विषयों के ई-कंटेंट मॉड्यूल्स एवं सब-मॉड्यूल्स तैयार किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों तक इन शैक्षणिक सामग्रियों को पहुँचाने से पूर्व विषय-विशेषज्ञों द्वारा उनका सत्यापन किया जाना आवश्यक है। इसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के अंतर्गत डॉ. रोमिल जैन को संगीत विषय के ई-कंटेंट की गुणवत्ता एवं अकादमिक उपयुक्तता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
समाज सेवी सुनील जैन ने बताया कि डॉ. जैन का संगीत के क्षेत्र में शिक्षण, शोध एवं अकादमिक गतिविधियों से जुड़ा अनुभव इस दायित्व के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत सरकार के कर्मयोगी पोर्टल के लिए कला एवं संगीत से संबंधित विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रमों के निर्माण, रिकॉर्डिंग, प्रसारण तथा व्यापक स्तर पर उनकी स्वीकार्यता की दिशा में किए गए अकादमिक कार्यों के संदर्भ में भी उनका अनुभव उल्लेखनीय है।
इस मनोनयन से शासकीय संगीत एवं ललित कला महाविद्यालय, खंडवा की अकादमिक पहचान को नई प्रतिष्ठा मिलने के साथ ही प्रदेश में संगीत शिक्षा के डिजिटल विस्तार और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री के विकास में योगदान देने का अवसर प्राप्त हुआ है।
डॉ. रोमिल जैन के इस मनोनयन को संगीत शिक्षा के क्षेत्र में खंडवा की उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
