हरदा/जात्राखेड़ी गांव में नाली निर्माण को लेकर समाजसेवी आनंद किरावर को कथित रूप से धमकी देने के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। मामले में सरपंच पति के चाचा शंकर साव ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए थाने में लिखित माफीनामा दिया।
जानकारी के अनुसार, बीते दिनों नाली निर्माण को लेकर शंकर साव और समाजसेवी आनंद किरावर के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान धमकी दिए जाने का आरोप लगाते हुए जयस एवं भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने मामले की जानकारी पुलिस को दी और कार्रवाई की मांग की थी।
मामले में सिराली पुलिस ने शंकर साव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान शंकर साव ने अपनी गलती स्वीकार की और भविष्य में इस तरह का व्यवहार नहीं करने की बात कहते हुए लिखित माफी मांगी।
इसके बाद आनंद किरावर ने भी समझाइश देते हुए शंकर साव को माफ कर दिया। वहीं मौजूद जयस एवं भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने भी आपसी सौहार्द और गांव में शांति बनाए रखने की बात कहते हुए मामले को आगे नहीं बढ़ाने पर सहमति जताई।
भीम आर्मी तहसील अध्यक्ष राधेश्याम नागराज और समाजसेवी अजय मंडलेकर ने शंकर साव से कहा कि वे गांव के सभी वर्गों के लोगों के साथ मिल-जुलकर रहें, ताकि गांव में आपसी भाईचारा और एकता बनी रहे। उन्होंने आनंद किरावर के सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे गांव और क्षेत्र के हित में लगातार अपनी भूमिका निभाते हैं।
पुलिस ने भी दोनों पक्षों को समझाइश देते हुए गांव में शांति एवं आपसी सौहार्द बनाए रखने की बात कही। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में माफीनामा एवं समझौता पत्र तैयार किया गया, जिस पर दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर किए।
मामले की जांच एसआई मर्सकोले द्वारा की गई। इस दौरान भीम आर्मी जिला अध्यक्ष सुनील खंडेल, समाजसेवी अजय मंडलेकर, भीम आर्मी तहसील अध्यक्ष राधेश्याम नागराज, नाजी युवा संघ तहसील अध्यक्ष योगेश मलारे, नगर अध्यक्ष एवं समाजसेवी कैलाश सोलंकी, रामस्वरूप बघेल, ललित सोलंकी, करण हीरे, चंदू गुर्जर (जात्राखेड़ी) सहित संगठन के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
