हरसूद को मिलेगी 25 करोड़ के आधुनिक ऑडिटोरियम की सौगात

मंत्री विजय शाह बोले- भोपाल और खंडवा की तर्ज पर विकसित होगी सुविधा, मुख्यमंत्री 5 अक्टूबर को कर सकते हैं आधिकारिक घोषणा
खंडवा/हरसूद। हरसूद विधानसभा क्षेत्र में सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों के लिए जल्द ही आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम की सुविधा उपलब्ध होने जा रही है। जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने ‘खेती खेड़ो हरिनाम की’ यानी निमाड़ की लोक कलाओं के उत्सव कार्यक्रम में मंच से हरसूद में 25 करोड़ रुपये की लागत से ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आगामी 5 अक्टूबर को इस परियोजना की आधिकारिक घोषणा कर सकते हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग, कलाकार और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े लोग मौजूद रहे। अपने संबोधन में मंत्री विजय शाह ने कहा कि बड़े शहरों में किसी कार्यक्रम के आयोजन के लिए टेंट, शामियाने, साउंड सिस्टम और अन्य व्यवस्थाओं पर काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में होने वाले आयोजनों के लिए यह खर्च कई बार आयोजकों और संस्थाओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हरसूद में स्थायी सुविधा विकसित करने की पहल की गई है।
मंत्री शाह ने मंच से कहा, “हम बड़े-बड़े शहरों में जाते हैं, जहां टेंट, शामियाने और साउंड सिस्टम के किराए में बहुत पैसा खर्च होता है। हमारे आदिवासी क्षेत्र के लोगों के पास इतना पैसा नहीं होता। इसलिए हमने मुख्यमंत्री जी से कहा कि जैसे भोपाल और खंडवा में सुविधाएं हैं, वैसा ही 25 करोड़ रुपये का ऑडिटोरियम हमें हरसूद में चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आगामी 5 तारीख को 25 करोड़ रुपये के इस ऑडिटोरियम की आधिकारिक घोषणा करने वाले हैं। मंत्री ने कहा कि ऑडिटोरियम बनने के बाद क्षेत्र में होने वाले बड़े आयोजनों के लिए बार-बार टेंट, शामियाने और किराए के साउंड सिस्टम की व्यवस्था करने की जरूरत कम होगी।
लोक कला और संस्कृति को मिलेगा मंच
मंत्री विजय शाह ने कहा कि किसी क्षेत्र का विकास केवल सड़क, भवन और अन्य भौतिक सुविधाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए। स्थानीय लोक कला, संस्कृति, परंपराओं और रीति-रिवाजों का संरक्षण भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार इन परंपराओं को जीवित रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लोक कला और संस्कृति के प्रति रुचि रखने वाला बताते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से प्रदेश की पारंपरिक कलाओं और सांस्कृतिक आयोजनों को नए स्तर पर मंच मिल रहा है।
हरसूद में प्रस्तावित ऑडिटोरियम के निर्माण से स्थानीय कलाकारों, सांस्कृतिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न आयोजकों को एक स्थायी मंच मिलने की उम्मीद है। यहां लोक कला कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, सामाजिक आयोजन, सम्मेलन और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
निमाड़ की संस्कृति पर केंद्रित रहा आयोजन
‘खेती खेड़ो हरिनाम की’ कार्यक्रम में निमाड़ की लोक कला और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती से जुड़े आयोजनों और लोक कला-संस्कृति के संरक्षण पर भी चर्चा हुई।
मंत्री शाह ने कहा कि निमाड़ की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है और यहां की लोक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने क्षेत्र की लोक कलाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
हरसूद में 25 करोड़ रुपये के ऑडिटोरियम की घोषणा को क्षेत्र में सांस्कृतिक अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब मुख्यमंत्री की प्रस्तावित घोषणा के बाद परियोजना के स्वरूप, स्थान और निर्माण प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री विजय शाह ने उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।
