हरदा एसडीएम ने धारा 163 के तहत जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश, निर्धारित स्थलों पर ही होगा विसर्जन
हरदा। गणेश उत्सव के समापन को देखते हुए नर्मदा एवं अन्य नदियों को प्रदूषण से बचाने और जलीय जीव-जंतुओं तथा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
हरदा एसडीएम अशोक कुमार डेहरिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए कहा है कि राजस्व अनुविभाग हरदा के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और हानिकारक सिंथेटिक रंगों से निर्मित गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन नर्मदा नदी सहित अन्य स्थानीय नदियों में नहीं किया जा सकेगा।
प्रशासन के अनुसार पीओपी एवं सिंथेटिक रंगों से बनी प्रतिमाओं को नदियों में विसर्जित करने से जल प्रदूषण के साथ जलीय जीवों और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा नदी में विसर्जन के दौरान जनहानि की आशंका को देखते हुए भी यह प्रतिबंध लगाया गया है।
निर्धारित स्थलों पर ही करना होगा विसर्जन
एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित विसर्जन स्थलों पर ही किया जाएगा। आदेश में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण, सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया गया है।
प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 एवं अन्य सुसंगत कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
घाटों पर पुलिस और एसडीआरएफ की रहेगी व्यवस्था
24 सितंबर 2026 को जारी आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी हरदा, पुलिस अधीक्षक हरदा तथा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी को भेजी गई है। नर्मदा घाटों एवं अन्य निर्धारित विसर्जन स्थलों पर आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, जिला सेनानी होमगार्ड को नर्मदा घाटों पर स्पीड बोट, एसडीआरएफ के जवान और आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके।
