CJP का CEC ज्ञानेश कुमार पर बड़ा हमला, SIR को लेकर लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि इस्तीफा नहीं होने पर देशभर में आंदोलन किया जाएगा और इसके बाद दिल्ली में प्रदर्शन किया जाएगा।
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर SIR के माध्यम से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। दीपके ने दावा किया कि 13 करोड़ से अधिक वोट डिलीट किए गए हैं।
दीपके के प्रमुख आरोप
- SIR के जरिए बड़े पैमाने पर मतदाता नाम हटाने का दावा।
- चुनावी प्रक्रिया में विपक्ष के साथ भेदभाव का आरोप।
- क्षेत्रीय राजनीतिक दलों और नेताओं को कमजोर करने की कोशिश का सवाल।
- CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।
दीपके ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार चुनने का अधिकार जनता के पास होना चाहिए। उनके मुताबिक, यदि यह तय किया जाने लगे कि कौन मतदान करेगा और कौन नहीं, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
चुनाव आयोग के भीतर भी SIR को लेकर मतभेद का दावा
इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के हवाले से सामने आए दावे के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 28 अक्टूबर 2025 से 14 अगस्त 2026 के बीच आयोग के फैसलों और आदेशों को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कीं।
रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में मतदाता सूची, Form-6, नए मतदाताओं और वोटर डेटाबेस से जुड़े मुद्दे शामिल थे तथा इनकी प्रतियां CEC ज्ञानेश कुमार को भी भेजी गई थीं।
📌 मामला क्यों गरमाया?
SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर विवाद जून 2025 में बिहार से शुरू हुआ था। इसके बाद मतदाता सूची के पुनरीक्षण और नाम हटाए जाने को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए गए।
