मध्य प्रदेश लेखक संघ जिला इकाई खंडवा ने बनाया हिंदी दिवस, संपन्न हुई काव्य गोष्ठी।
भारत सरकार को चाहिए हिंदी को भारत की भाषा राष्ट्रीय स्तर पर घोषित की जाए, ,,श्वेता जैन,,
खंडवा। हिंदी दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश लेखक संघ जिला इकाई खंडवा के तत्वावधान में नीलम बजाज के निवास स्थान पर हिंदी दिवस का आयोजन डॉक्टर जगदीश चंद्र चौरे की अध्यक्षता में तथा श्वेता परिमल जैन ikis कॉलेज की डायरेक्टर के मुख्य आतिथ्य में किया गया। प्रारंभ में मां सरस्वती के छायाचित्र पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण कर सरस्वती वंदना सोनम चौरे द्वारा की गई। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया बताया कि हिंदी दिवस के अवसर पर श्वेता परिमल जैन का समिति पदाधिकारीयों द्वारा भगवान महावीर की प्रतिमा एवं स्मृति चिन्ह देखा देकर सम्मानित किया गया। अध्यक्ष डॉ जगदीश चंद्र चौरे ने हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि श्वेता परिमल जैन द्वारा कहा गया कि देश के हर नागरिक को हिंदी से प्यार होना चाहिए तथा अब तो भारत सरकार को चाहिए कि जब देश में राष्ट्रीय पशु, राष्ट्रीय पक्षी घोषित किए गए तो हिंदी को भारत की भाषा घोषित करने में विलंब नहीं करना चाहिए। डॉ दीक्षित ने इसी क्रम में अपने वक्तव्य में कहा कि जब परिवार में सभी हिंदी बोलते हैं तो बच्चों को हिंदी का महत्व बताकर जोड़ा जाना चाहिए। सुनील जैन ने बताया कि द्वितीय सत्र में काव्य गोष्टी का आयोजन किया गया जिसमें वर्षा उपाध्याय ने कहा कि हिंदी संस्कारों की सुगंध है। सुनील उपमन्यु ने कहा कि “हाथ जोड़कर कह रहे हैं सुन लो यह विनती, इतने सालों बाद भी खड़ी है हिंदी।” जिसे सभी ने सराहा। गोष्ठी में मंगला चौरे, रश्मि दीक्षित, विश्वास पांचाल, हेमंत उपाध्याय, देवेंद्र जैन, वर्षा उपाध्याय, सुनील उपमन्यु, तारकेश्वर चौरे, समाजसेवी सुनील जैन, राजमल आर्य, सुरेंद्र गीते, महेश मूलचंदानी, मनोज जोशी, शैलेश पालीवाल, नानक बजाज, नीलम बजाज आदि ने भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन मंगला चौरे ने किया तथा आभार देवेंद्र जैन ने माना।
