*जो भक्त पूजेगा ज्योति और जल, उसकी हर समस्या होगी हल-सांईं लालदास जी*

*जो भक्त पूजेगा ज्योति और जल, उसकी हर समस्या होगी हल-सांईं लालदास जी*

खंडवा। हमारे सनातन धर्म में वर्णित है कि हमें घर-घर अपने इष्ट देव श्री झूलेलाल जी की मूर्ति और जल से भरा हुआ कलश स्थापित करना चाहिए उस जल को पूजा के पश्चात पूरे घर, दुकान में छिड़काव करने से एवं परिवार के सदस्यों को आमचन करने से भगवान श्री झूलेलाल वरुण देवता की सदैव कृपा बनी रहेगी और इसी के साथ यदि आप एकता के साथ एकजुट होकर रहोगे तो आपको इसका 100 गुना लाभ प्राप्त होता है। उक्त दिव्य उद्बोधन बिलासपुर चकरभाटा के साई लालदास जी द्वारा सिंधी कॉलोनी स्थित प्राचीन श्री झूलेलाल मंदिर में चालिहा पर्व के दौरान श्री झुलेलाल समर्थ पैनल व्दारा आयोजित सत्संग के दौरान व्यक्त किये। यह जानकारी देते हुए पैनल अध्यक्ष प्रदीप कोटवानी एवं प्रवक्ता निर्मल मंगवानी ने बताया कि सत्संग के पूर्व साई लालदास जी व्दारा झूलेलाल मंदिर पहुंचने पर श्री झुलेलाल जी की पूजा, अर्चना की गयी। श्री झुलेलाल नवयुवक मंडल, श्री झुलेलाल समर्थ पैनल, श्री झुलेलाल महिला मंडल की मातृशक्ति द्वारा शाल श्री फल से भव्य स्वागत किया जाकर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। मंडल सचिव हरीश आसवानी ने बताया कि आयोजन के दौरान असांजा कार्ज करण झूलेलाल पाण आहियो आहे…, रख त मुहिंजे लाल ते पाणे पूरी कंदो.., प्रभु आपकी कृपा से सब काम हो रहा है…,आयो लाल झूलेलाल, आयो लाल झूलेलाल धूनी आदि सहित अनेक भक्तिमय गीतों पर उपस्थित श्रद्धालुजन जमकर झूमे। आयोजन समाप्ति पर पल्लव पश्चात प्रसादी आयोजन हुआ। इस अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत के पदाधिकारी सदस्य, श्री झूलेलाल नवयुवक मंडल के अध्यक्ष मोहन दीवान, नंदलाल भोजवानी, रामल दुल्हानी, मनोहरलाल सबनानी, किशनचंद कोटवानी, शेखर चंदवानी, पवन डेम्बरा, पवन, राम वासवानी, भीमनदास जीवनानी, जयकिशन तिर्थानी, राजेश परचाणी, मूलचन्द फतवानी, जयराम थदानी, जयराम खैमानी, दयाल कोटवानी, शंकर बालवानी, महेश चंदवानी, मनोहर संतवानी, हरीश मालानी, हितेश, संजय, किशोर लालवानी, साधु, नारायण चावला, श्री झूलेलाल समर्थ पैनल के समस्त सदस्यों के साथ प्रदीप कोटवानी, अनिल, संजय सबनानी, रजत, निर्मंल, अशोक मंगवानी, राहुल गेलानी, हन्नी मेधवानी, विक्रम सहजवानी, मुरली डोडानी, दीपू हिंगोरानी, धर्मेन्द्र छूट्टानी, अमीत, ईश्वर, मयूर जेठवानी, पदाधिकारी, सदस्यगण, माता बहनों आदि सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।