छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: किसी भी राज्य का पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी, डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल तकनीशियन, फिजिथरेपिस्ट अब छत्तीसगढ़ मे बगैर पंजीयन के कर सकेंगे प्रैक्टिस…..

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नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को आसान बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 11 जून 2026 को अधिसूचना जारी कर दी है।

अब नया नियम क्या है?

नर्सिंग होम अधिनियम, 2010 के अनुसार अब भारत के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की स्टेट मेडिकल काउंसिल/स्टेट नर्सिंग काउंसिल/स्टेट पैरामेडिकल काउंसिल में पंजीकृत डॉक्टर, नर्स, टेक्नीशियन और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों को छत्तीसगढ़ में प्रैक्टिस करने के लिए छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल से अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी।

किसे मिलेगा फायदा?

1. डॉक्टर: चिकित्सा व्यवसायी जो NMR या किसी भी राज्य मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड हैं

2. नर्स: किसी स्टेट नर्सिंग काउंसिल में रजिस्टर्ड

3. टेक्नीशियन/पैरा-मेडिकल स्टाफ: किसी स्टेट पैरामेडिकल कौंसिल से रजिस्टर्ड

4. अन्य एलाइड हेल्थ प्रोफेशनलस: किसी स्टेट कौंसिल से रजिस्टर्ड

सरकार का मकसद:

स्वास्थ्य सेवाओं में कुशल स्टाफ की कमी दूर करना और दूसरे राज्यों से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों/नर्सों के लिए छत्तीसगढ़ में काम करना आसान बनाना। इससे मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा।

यह अधिसूचना आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के आदेशानुसार जारी किया गया है जिस पर राज्य स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के डिजिटल हस्ताक्षर हैं।

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