*चेंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री से ई मेल के माध्यम से यू पी आई पर सरचार्ज हटाने की मांग की*
खंडवा।पूर्व निमाड़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को मेल भेजकर
यू.पी.आई. ट्रांजेक्शन पर सरचार्ज निरस्त करने की मांग की है।
चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रवक्ता कमल नागपाल ने बताया कि यू.पी.आई. ट्रांजेक्शन पर सरचार्ज में भारत सरकार द्वारा जो कानून पारित किया गया है, इससे भारत के संपूर्ण व्यापारी समाज पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ेगा।
चेंबर अध्यक्ष सुनील बंसल,सचिव संतोष गुप्ता और कोषाध्यक्ष गोवर्धन गोलानी ने कहा कि वर्तमान में यू पी आई लेन देन में भारत शिखर पर है और उपलब्ध वर्तमान डाटा अनुसार आर. बी.आई. एवं भारत सरकार को किसी प्रकार का वित्तीय घाटा नहीं है। यू.पी.आई. व्यवस्था भारत सरकार की आम व्यक्तियों से खास व्यक्तियों तक पहुंची है जो भारत सरकार के श्रेष्ठ कार्यों को दर्शाता है जो विश्व में वित्तिय ढांचें को अलग पहचान दिलाता है।चेंबर ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री से निवेदन किया है कि लगाया गया सरचार्ज व्यापारी बंधुओं पर एक अतिरिक्त आर्थिक भुगतान की श्रेणी में आ रहा है और बाजार की व्यापारीक परिस्थितियों में अनेक प्रकार की चुनौतियाँ हैं, जिसका वो सामना कर रहा है।इस प्रकार व्यापारी अतिरिक्त वित्तीय भार झेलने में सक्षम नहीं है।वैसे ही व्यापारी अपना समस्त व्यापारिक लेन देन बैंकों के माध्यम से करता है जिस पर बैंक अपना ट्रांजेक्शन चार्ज लगाती है साथ ही यू. पी.आई.भी बैंक से जुड़ा है इस प्रकार एक व्यवस्था पर दो दो बार अतिरिक्त चार्ज देना पड़ेगा।
यू.पी.आई. ट्रांजेक्शन पर सरचार्ज की भावी व्यवस्था को व्यापारी स्वीकार नहीं करेगा जिससे भारत सरकार की ड्रीम यू.पी. आई. सिस्टम भारत में ही व्यापारियों द्वारा अस्वीकार किये जाने की संभावना है।चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सुनील बंसल,सचिव संतोष गुप्ता और कोषाध्यक्ष
गोवर्धन गोलानी सहित चेंबर के अनेक सदस्यों ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को ई मेल भेजकर उक्त आशय की मांग की है,साथ ही निवेदन किया है कि यू. पी. आई. ट्रांजेक्शन पर सरचार्ज से यू. पी. आई. व्यवस्था को मुक्त किया जाए।
